Affordable Housing Scheme : NCR वालों के लिए सस्ते घर खरीदने का सुनहरा मौका, गुरुग्राम-सोहना-रेवाड़ी में 5,000 फ्लैट्स के लिए जल्द करें आवेदन
हरियाणा की किफायती आवास योजना के तहत गुरुग्राम, सोहना और रेवाड़ी में करीब 5,000 फ्लैटों की बिक्री शुरू होने वाली है। आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

Affordable Housing Scheme : दिल्ली–एनसीआर में अपना घर खरीदने का सपना देखने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है । हरियाणा सरकार की किफायती आवास नीति के तहत गुरुग्राम, सोहना और रेवाड़ी में लगभग 5,000 फ्लैटों की बिक्री के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी । योजना का उद्देश्य मध्यम आय वर्ग और पहली बार घर खरीदने वाले परिवारों को सुरक्षित और कम कीमत पर आवास उपलब्ध कराना है।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने फिलहाल छह बिल्डर कंपनियों को रिहायशी सोसाइटियां विकसित करने के लिए लाइसेंस जारी किए हैं। गुरुग्राम में सेक्टर-99ए को वर्ष 2023 और सेक्टर-93 को वर्ष 2020 में अनुमति दी गई थी। सेक्टर-93 में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का यह तीसरा ड्रॉ होने जा रहा है । इसके साथ ही सोहना के सेक्टर-25, फर्रुखनगर के सेक्टर-3 और रेवाड़ी में दो स्थानों पर भी नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
नीति के अनुसार, बिल्डरों को चार साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा। भुगतान प्रक्रिया को भी निर्माण प्रगति से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और खरीदारों का पैसा सुरक्षित रहे।
हाल ही में सोहना सेक्टर-36 स्थित 4एस एस्टर एवेन्यू परियोजना के ड्रॉ में अनियमितताएं सामने आने के बाद विभाग ने उसे रद्द कर दिया था। इसके बाद सरकार ने पोर्टल में कई सुधार किए हैं—जैसे आधार आधारित पते का स्वतः सत्यापन और आवेदक के नाम पर पहले से किसी फ्लैट की मौजूदगी की अनिवार्य जांच। अधिकारियों का दावा है कि अब किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं है।
ऐसे करें आवेदन
इच्छुक आवेदकों को tcpharyana.gov.in वेबसाइट पर जाकर ई-गवर्नेंस सेक्शन में उपलब्ध ‘किफायती आवास योजना’ लिंक चुनना होगा। यहां रजिस्ट्रेशन के लिए लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाना पड़ता है। आवेदन के साथ एक शपथपत्र भी अपलोड करना जरूरी है, जिसमें यह घोषित हो कि आवेदक के नाम पर पहले कोई फ्लैट नहीं है। दस्तावेज जमा करने के बाद फ्लैट कीमत का 5% भुगतान ऑनलाइन करना होता है।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की वरिष्ठ नगर योजनाकार रेणुका सिंह के मुताबिक, “छह बिल्डरों को लाइसेंस जारी हो चुके हैं और पोर्टल का ट्रायल सफल रहा है। अब पूरी प्रक्रिया तकनीकी रूप से सुरक्षित है।” एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी और महंगे रियल एस्टेट बाजार के बीच यह योजना हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है ।












